Concept:विसर्ग संधि के नियम के अनुसार 'पुनः' के बाद व्यंजन आने पर विसर्ग का 'र्' हो जाता है।Explanation:पुनर्जन्म शब्द का संधि-विच्छेद पुनः + जन्म होता है।यहाँ 'पुनः' में विसर्ग (:) है और उसके बाद 'ज' व्यंजन आया है।विसर्ग संधि के नियम के अनुसार, 'पुनः' और 'अन्तः' में विसर्ग का 'र्' हो जाता है।इसलिए पुनः + जन्म = पुनर्जन्म बनता है।अन्य विकल्पों में 'पुनर् + जन्म' (विकल्प B) गलत है क्योंकि 'पुनर्' स्वतंत्र रूप नहीं है।'पुन् + जन्म' (विकल्प C) और 'पुन: + आजन्म' (विकल्प D) भी अशुद्ध हैं।
संधि - दो शब्दों के मेल से जो विकार (परिवर्तन) होता है, उसे संधि कहते हैं।संधि के तीन प्रकार हैं - 1. स्वर, 2. व्यंजन और 3. विसर्ग।
संधि
परिभाषा
उदाहरण
स्वर संधि
दो स्वरों के मेल से उत्पन्न होने वाले विकार को स्वर संधि कहते हैं। इसके इसके पाँच भेद हैं- दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण, अयादि।
महाशय = महा + आशय।
व्यंजन संधि
व्यंजन के बाद किसी स्वर या व्यंजन के आने से उस व्यंजन में जो परिवर्तन होता है, वह व्यंजन संधि कहलाता है।
दिग्गज = दिक् + गज।
विसर्ग संधि
विसर्ग के साथ स्वर अथवा व्यंजन के मिलने से जो विकार उत्पन्न होता है, उसे विसर्ग संधि कहते हैं।