Concept:बिहारी सतसई की रचना दोहा छंद में हुई है, जो मुक्तक काव्य का उत्कृष्ट उदाहरण है।
Explanation:बिहारी का प्रमुख ग्रंथ ‘बिहारी सतसई’ है।
इसमें कुल 713 दोहे संकलित हैं।
ये दोहे नीति, भक्ति और शृंगार रस पर आधारित हैं।
बिहारी ने ज्योतिष, आयुर्वेद, राजनीति आदि विषयों का ज्ञान भी इन दोहों में प्रस्तुत किया है।
आचार्य पद्म सिंह शर्मा ने इसे ‘शक्कर की रोटी’ कहा है।
बिहारी सतसई पर हिंदी में 50 से अधिक टीकाएँ उपलब्ध हैं।
इसलिए बिहारी की पहचान दोहा विधा से ही सर्वाधिक है।
Answer:D. दोहा