Concept:वाच्य वह रूप है जो बताता है कि वाक्य में कर्ता, कर्म या क्रिया का भाव प्रधान है। कर्तृवाच्य में कर्ता प्रधान होता है।
Explanation:वाक्य 'राम आम खाता है' में कर्ता 'राम' क्रिया 'खाता' को कर रहा है। क्रिया का रूप कर्ता के लिंग और वचन (पुल्लिंग, एकवचन) के अनुसार है, जो कर्ता की प्रधानता दर्शाता है।
अन्य वाच्यों की तुलना करें:
- कर्मवाच्य में कर्म प्रधान होता है, जैसे 'आम राम द्वारा खाया जाता है'।
- भाववाच्य में क्रिया का भाव प्रधान होता है, जैसे 'राम से खाया नहीं जाता'।
- उभयवाच्य कोई मान्य वाच्य नहीं है।
यहाँ कर्ता ही मुख्य है, अतः वाक्य कर्तृवाच्य में है।
Answer:A. कर्तृवाच्य