Concept:घनानंद हिंदी साहित्य के रीतिकाल के प्रमुख कवि हैं। रीतिकाल में शृंगार रस और नायिका-भेद पर केंद्रित रचनाएँ हुईं।Explanation:घनानंद की रचनाओं में ‘सुजान’ शब्द का सर्वाधिक प्रयोग हुआ है। उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना ‘सुजान हित’ है, जिसमें 507 पद हैं। उनके नाम से लगभग चार हजार कवित्त और सवैये मिलते हैं। रीतिकाल के अन्य कवियों में केशव, बिहारी, भूषण और मतिराम शामिल हैं। आदिकाल, भक्तिकाल और भारतेंदु काल में घनानंद को स्थान नहीं दिया जाता।Answer:रीतिकाल (C)