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Question Numbers: 121-128
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।
जंगल काटकर मैंने गाँव खड़े किए, कस्बे और नगर बनाए। मैं भूमि के साथ बिकता रहा। फिर धीरे-धीरे मैंने महानगर बनाए, जिनमें कारखानों, मिलों का दैत्य शोर और धुआँ उगलने लगा। मैं उनकी चिमनियों की छाया में रात-दिन पसीना बहाता रहा। बैलगाड़ी से रथ बने। हमने भाप से चलने वाले इंजन गढ़ लिए। इंजन, जो ज़मीन पर दौड़ते थे, पानी पर तैरते थे। बैलगाड़ी रेल बनी और नाव जहाज़। रेल पानी में आग लगा घंटों में सैकड़ों मील दौड़ने लगी। जहाज़ आसमान चूमती लहरों पर तूफ़ानों में नाचने लगे, पर मैं वहीं का वहीं रह गया। वही का वही मज़दूर।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।
जंगल काटकर मैंने गाँव खड़े किए, कस्बे और नगर बनाए। मैं भूमि के साथ बिकता रहा। फिर धीरे-धीरे मैंने महानगर बनाए, जिनमें कारखानों, मिलों का दैत्य शोर और धुआँ उगलने लगा। मैं उनकी चिमनियों की छाया में रात-दिन पसीना बहाता रहा। बैलगाड़ी से रथ बने। हमने भाप से चलने वाले इंजन गढ़ लिए। इंजन, जो ज़मीन पर दौड़ते थे, पानी पर तैरते थे। बैलगाड़ी रेल बनी और नाव जहाज़। रेल पानी में आग लगा घंटों में सैकड़ों मील दौड़ने लगी। जहाज़ आसमान चूमती लहरों पर तूफ़ानों में नाचने लगे, पर मैं वहीं का वहीं रह गया। वही का वही मज़दूर।
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