Test Index

CTET Class I to V 2015 Feb Paper

Show Para  Hide Para 
भाषा-II : हिन्दी
निर्देश (प्र.सं. 121 से 126) : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए।

यह तो आप जानते हैं कि पृथ्वी प्रारम्भ में आग का गोला थी। मुझे ठीक-ठीक नहीं पता कि ऐसी आग में मुझ पानी का जन्म हुआ। लगता यह है कि हमारी पृथ्वी ज्यों-ज्यों उंडी होती गई तो उसमें मौजूद गैसों में क्रियाएँ हुईं। हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक क्रियाओं से मेरा जन्म हुआ है। इन दोनों ने अपना अस्तित्व मिटाकर मुझे बनाया। पहले में पृथ्वी के ऊपर भाप रूप में ही था। फिर जाने क्या हुआ कि मैं ठोस बर्फ बन गया। कल्पना करो चारों ओर बर्फ ही बर्फ । जब सूर्य की किरणें हम पर पड़तीं तो चारों ओर सौन्दर्य बिखर पड़ता । लाखों बर्फ के ही दबाव से निचली परत पिघलने लगी थी। फिसलकर हम पहुँचे सागर में। वहाँ की तो बात ही निराली थी। वहाँ अब तक हमसे पहले पहुँचे पानी में छोटे-छोटे जीव तैरने लगे थे। घोंघ, मछलियाँ और कछुवे भी। धीरे-धीरे सृष्टि का विस्तार हुआ। जल के बाद स्थल में जीव बनने लगे और आज आप उसी शृंखला के अंग हैं और अपने को मनुष्य कहते हैं।
© examsnet.com
Question : 121 of 150
Marks: +1, -0
Go to Question: