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Question Numbers: 129-135
निर्देश- नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए:
हम अनेक छोटे बड़े घेरों में बँटे हुए हैं। कोई धर्म का घेरा है तो कोई जाति का, कोई देश का घेरा है तो कोई समाज और वंश-परिवार का। इन घेरों में बंधकर भूल गए हैं कि हम सब से पहले मनुष्य हैं- प्रेम, त्याग, करुणा और सहानुभूति से भरे मनुष्य। एक-दूसरे से सुख-दुःख से विचलित और प्रभावित होने वाले मनुष्य हैं। अपनी इस बहुमूल्य मनुष्यता को भुलाकर कभी हम धन, शक्ति, सत्ता और शिक्षा के अहंकार में चूर होकर दूसरों को मनुष्य ही नहीं समझते, कभी अपने ही धर्म को सब से श्रेष्ठ मानकर शेष सभी धर्मों को झूठ और भ्रमों से भरा हुआ समझते हैं। अपने ही रीति-रिवाजों को सर्वोत्तम मानकर हम दूसरों के रीति-रिवाजों की खिल्ली उड़ाया करते हैं। सत्य यह है कि संसार का हर धर्म अच्छाइयों और सच्चाइयों में विश्वास करता है।
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हम अनेक छोटे बड़े घेरों में बँटे हुए हैं। कोई धर्म का घेरा है तो कोई जाति का, कोई देश का घेरा है तो कोई समाज और वंश-परिवार का। इन घेरों में बंधकर भूल गए हैं कि हम सब से पहले मनुष्य हैं- प्रेम, त्याग, करुणा और सहानुभूति से भरे मनुष्य। एक-दूसरे से सुख-दुःख से विचलित और प्रभावित होने वाले मनुष्य हैं। अपनी इस बहुमूल्य मनुष्यता को भुलाकर कभी हम धन, शक्ति, सत्ता और शिक्षा के अहंकार में चूर होकर दूसरों को मनुष्य ही नहीं समझते, कभी अपने ही धर्म को सब से श्रेष्ठ मानकर शेष सभी धर्मों को झूठ और भ्रमों से भरा हुआ समझते हैं। अपने ही रीति-रिवाजों को सर्वोत्तम मानकर हम दूसरों के रीति-रिवाजों की खिल्ली उड़ाया करते हैं। सत्य यह है कि संसार का हर धर्म अच्छाइयों और सच्चाइयों में विश्वास करता है।
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