Concept:देशज शब्द वे होते हैं जो तत्सम न होकर क्षेत्रीय और भारतीय मूल के होते हैं, जैसे लोटा, डिबिया।Explanation:‘कबड्डी’ एक भारतीय खेल का नाम है।यह किसी विदेशी भाषा से नहीं आया है, इसलिए यह विदेशी शब्द नहीं है।यह संस्कृत के किसी शब्द का सीधा रूप (तत्सम) या विकृत रूप (तद्भव) भी नहीं है।अतः यह देशज शब्दों की श्रेणी में आता है।नीचे विभिन्न शब्द वर्गों की तालिका दी गई है:
शब्द
परिभाषा
उदाहरण
तत्सम
संस्कृत भाषा के वे शब्द जो हिन्दी में अपने वास्तविक रूप में प्रयुक्त होते है, उन्हें तत्सम शब्द कहते है।
जैसे- कवि, माता, विद्या, नदी
तद्भव
ऐसे शब्द, जो संस्कृत और प्राकृत से विकृत होकर हिंदी में आये है, 'तदभव' कहलाते है।
दुग्ध - दूधहस्त - हाथकुब्ज - कुबड़ा
विदेशी
जो शब्द विदेशियों के संपर्क में आने पर विदेशी भाषा से हिंदी में आए, वे शब्द विदेशी शब्द कहलाते हैं।