Concept:'भक्तमाल' ग्रंथ के रचनाकार नाभादास हैं। यह ग्रंथ व्रजभाषा में छप्पय छंद में लिखा गया है।Explanation:सही उत्तर नाभादास है, जो स्वामी अग्रदास के शिष्य थे।'भक्तमाल' का रचना वर्ष 1585 ई. है और इसमें लगभग दो सौ भक्तों का चरितगान है।अन्य विकल्पों के रचनाकारों की प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं:
नाभादास की तीन कृतियाँ उपलब्ध हैं: भक्तमाल (1585), अष्टयाम (1585) और रामभक्ति संबंधी स्फुट पद।'भक्तमाल' की टीका प्रियादास जी ने संवत् 1769 में लिखी थी।Answer:विकल्प A. नाभा दास