Concept:अयोगवाह वे विशेष ध्वनियाँ हैं जो स्वर या व्यंजन की श्रेणी में नहीं आतीं। हिंदी में केवल अनुस्वार (ं) और विसर्ग (ः) को अयोगवाह माना जाता है।
Explanation:प्रश्न के विकल्पों को समझें:
- महाप्राण (A) वे वर्ण हैं जिनके उच्चारण में अधिक वायु निकलती है, जैसे ख, घ।
- संयुक्त व्यंजन (C) दो या दो से अधिक व्यंजनों के मेल से बनते हैं, जैसे क्त, स्थ।
- अल्पप्राण (D) वे वर्ण हैं जिनमें वायु सामान्य मात्रा में निकलती है, जैसे क, ग।
ये तीनों अयोगवाह नहीं हैं।
वास्तव में अयोगवाह केवल अनुस्वार और विसर्ग होते हैं क्योंकि ये न तो स्वर हैं और न ही व्यंजन, बल्कि स्वर के अंत में जुड़कर उच्चारण में सहायता करते हैं।
अतः सही विकल्प B है।
Answer:अनुस्वार एवं विसर्ग को (विकल्प B)