Concept:किसी भी समचतुर्भुज की भुजाओं के मध्यबिंदुओं को जोड़ने पर बना चतुर्भुज सदैव एक आयत होता है, और प्रत्येक आयत चक्रीय होता है।
Explanation:मान लीजिए कि
P,Q,R,S क्रमशः
AB,BC,CD,DA के मध्यबिंदु हैं।
त्रिभुज
ABC में
P और
Q मध्यबिंदु हैं, इसलिए मध्यबिंदु प्रमेय से
PQ∥AC तथा
PQ=21AC।
इसी प्रकार त्रिभुज
ADC में,
S और
R मध्यबिंदु हैं, अतः
SR∥AC तथा
SR=21AC।
अतः
PQ∥SR तथा
PQ=SR है।
इसी तरह,
PS∥QR∥BD तथा
PS=QR=21BD प्राप्त होता है।
इससे सिद्ध होता है कि
PQRS एक समांतर चतुर्भुज है।
समचतुर्भुज
ABCD के विकर्ण परस्पर लंब होते हैं, अतः
AC⊥BD।
चूँकि
PQ∥AC और
PS∥BD, इसलिए
PQ⊥PS अर्थात
∠QPS=90°।
एक समांतर चतुर्भुज जिसका एक कोण
90° हो, वह आयत होता है, इसलिए
PQRS एक आयत है।
आयत के सम्मुख कोणों का योग
90°+90°=180° होता है, इसलिए
PQRS सदैव चक्रीय है।
यह निष्कर्ष केवल
ABCD के समचतुर्भुज होने पर आधारित है, न कि उसके कोणों के विशिष्ट मानों पर।
इसलिए प्रश्न का उत्तर कथन I और कथन II के बिना भी दिया जा सकता है।
Answer:विकल्प D सही है।