Concept:चक्रीय चतुर्भुज में समान वृत्तखंड के कोण एवं वैकल्पिक खंड प्रमेय (Alternate Segment Theorem) का उपयोग।
Explanation:दिया है कि विकर्ण
AC,
∠C को समद्विभाजित करता है।
अतः
∠ACB=∠ACD।
ये कोण क्रमशः जीवाओं
AB और
AD द्वारा वृत्त के बिंदु
C पर बनाए गए हैं।
समान वृत्तखंड के कोण बराबर होने से संगत जीवाएँ भी बराबर होती हैं।
इसलिए
AB=AD।
त्रिभुज
ABD में
AB=AD होने से यह समद्विबाहु त्रिभुज है।
अतः आधार कोण बराबर होंगे, अर्थात
∠ABD=∠ADB।
इससे कथन I सत्य है।
अब
A पर वृत्त की स्पर्शरेखा
XY खींचें।
वैकल्पिक खंड प्रमेय के अनुसार, स्पर्शरेखा और जीवा
AB के बीच का कोण सम्मुख खंड के कोण के बराबर होता है।
अतः
∠XAB=∠ADB।
किंतु
∠ADB=∠ABD है, इसलिए
∠XAB=∠ABD।
ये संगत कोण हैं, अतः स्पर्शरेखा
XY∥BD है।
इस प्रकार कथन II भी सत्य है।
Answer:अतः कथन I और II दोनों सही हैं।
सही विकल्प: C. I और II दोनों।