UP Police Constable Exam Model Paper 5

Show Para  Hide Para 
Comprehension: (Q.No. 146 - 150)
निर्देशः नीचे दिए गए गद्यांश के बाद प्रश्न दिए गए हैं। इस गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़े और चार विकल्पों में से प्रत्येक प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर चुने।
भारत के आधुनिक इतिहासकारों ने यह माना है कि बुद्ध का पथ वैदिक-व्यवस्था के विरुद्ध विद्रोह था क्योंकि बुद्ध ने वेद-प्रतिपादित ईश्वरवाद, आत्मवाद और वर्ण-व्यवस्था के साथ-साथ यज्ञ का भी प्रतिरोध किया है। इसके लिए आधुनिक इतिहास के यूरण्ड-पंथी लेखकों के द्वारा यह प्रतिपादित किया गया कि चार वर्णों की अवधारणा देवीय सिद्धांत है और इसकी दिव्यता को अस्वींकार करके बुद्ध ने वेदों के आत्यन्तिक प्रामाण्य को अस्वीकार करते हुए समस्त वैदिक परंपरा को अस्वीकार कर दिया। परंतु यह सत्य का केवल एक भाग ही देखकर किया गया अभिकथन है। संपूर्ण सत्य यह है कि बुद्ध ने सनातन धर्म में काल-प्रवाह से आई विकृतियों का विरोध करते हुए धर्म के मूल स्वरूप को स्थापित करने का यत्न किया। उन्होंने किसी नए धर्म का प्रचार करने की अपेक्षा सनातन धर्म को ही पुनर्व्याख्यायित करने का कार्य किया है। सत्य, अहिंसा, करुणा और मैत्री जैसे मूल्यों को मानव मात्र के आचरण का आधार रूप धर्म स्थापित करना ही भगवान के धर्मोंपदेश का मूल उत्स है। यह प्राणी मात्र की तात्त्विक एकरूपता के प्रतिपादन के वैदिक पथ से अलग न होकर काल के प्रवाह के साथ आचरण में आई विकृतियों का प्रतिरोध है।
© examsnet.com
Question : 147
Total: 150
Go to Question: