UP Police Constable Exam Model Paper 4

© examsnet.com
Question : 146
Total: 150
Comprehension:(Que No. 145 - 149)

निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न (32-36) के उत्तर दीजिए-
मैं मुद्रा हूं, मेरे बिना तो काम चल ही नहीं सकता है। धोखा, फरेब, मारपीट, खून, कत्ल सब कुछ संभव है!! इस मुद्रा, इन पैसों के कारण। आज मनुष्य ने पैसों को ही अपना भगवान बना लिया है, पैसे के आगे मनुष्य कुछ भी नहीं देखता है, हर गलत काम कर जाता है, पैसे के चक्कर में मनुष्य पागल तक हो जाता है। आज के दौर में पैसा ही मां-बाप, भाई-बहन सब कुछ है। पर मनुष्य जानता नहीं है कि पैसे को बहुत सर चढ़ाने से बहुत कुछ नुकसान भी उठाने पड़ सकते हैं। आज पैसे से अति प्रेम के कारण ही इंसान के जीवन में इतने ग़म घुल चुके हैं, ना इंसान को वक्त का पता है, ना अपनी सेहत का होश है, बस पैसे कमाने में लगा पड़ा है। एक दिन इसी पैसे से अति लगाव सब कुछ खत्म भी कर सकता है। मनुष्य इस बात को जितना जल्दी समझ ले उतना अच्छा। मनुष्य को पैसे से ज्यादा अहमियत अपने रिश्तेदार या बाप भाई-बहन, अपने वक्त और अपनी सेहत को देनी चाहिए ना कि इन कागज के नोटों को!! पर बेचारा इंसान करें भी तो क्या, जब सारी दुनिया ही पैसे के दम पर चल रही है तो वह पैसे के पीछे क्यों नहीं भागेगा, पैसे से ही आज के युग में सभी सुख सुविधाएं उपलब्ध हो पाती हैं। पर इन दिखावटी सुख सुविधाओं की वजह से मनुष्य अपने जीवन में दु:ख घोलता जा रहा है, इंसान को संभलना होगा वरना बहुत देर हो जाएगी।
Question:
मनुष्य को पैसे से ज्यादा अहमियत किसे देनी चाहिए?
Go to Question: