Test Index
SSC GD Constable 16 Jan 2023 Shift 1 Paper
Show Para
Question Numbers: 96-100
आगे पूछे गए प्रश्न तक के उत्तर निम्न गद्यांश के आधार पर दीजिए।
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने यह अकारण नहीं कहा था कि 'साहित्य समाज का दर्पण है। निःसंदेह साहित्य और समाज का अटूट संबंध है। साहित्य समाज का प्रतिबिंब भी है और मार्गदर्शक भी। मानव समाज का हित चिंतन और उसका पथप्रदर्शन करना साहित्य का लक्ष्य है। साहित्य, (1)_______ की चेतना को विकसित करता है। साहित्य वह है जिसमें समाज अपना चेहरा देखता है। साहित्य ही वह है जो समाज की शोभा, उसकी यशसंपत्रता एवं मान-मर्यादा को प्रतिबिंबित करता है। यदि समाज शरीर है, तो साहित्य उसकी (2)______ है। जिस समाज का साहित्य जितना समृद्ध एवं (3)________ होता है, वह समाज उतना ही श्रेष्ठ माना जाता है। समाज का नवसृजन करने वाला साहित्य एक सशक्त माध्यम तो है ही, यह (4)________ के सम्मुख बहुत ही सहज ढंग से (5)_______ की सभ्यता और संस्कृति को भी प्रस्तुत करता है।
आगे पूछे गए प्रश्न तक के उत्तर निम्न गद्यांश के आधार पर दीजिए।
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने यह अकारण नहीं कहा था कि 'साहित्य समाज का दर्पण है। निःसंदेह साहित्य और समाज का अटूट संबंध है। साहित्य समाज का प्रतिबिंब भी है और मार्गदर्शक भी। मानव समाज का हित चिंतन और उसका पथप्रदर्शन करना साहित्य का लक्ष्य है। साहित्य, (1)_______ की चेतना को विकसित करता है। साहित्य वह है जिसमें समाज अपना चेहरा देखता है। साहित्य ही वह है जो समाज की शोभा, उसकी यशसंपत्रता एवं मान-मर्यादा को प्रतिबिंबित करता है। यदि समाज शरीर है, तो साहित्य उसकी (2)______ है। जिस समाज का साहित्य जितना समृद्ध एवं (3)________ होता है, वह समाज उतना ही श्रेष्ठ माना जाता है। समाज का नवसृजन करने वाला साहित्य एक सशक्त माध्यम तो है ही, यह (4)________ के सम्मुख बहुत ही सहज ढंग से (5)_______ की सभ्यता और संस्कृति को भी प्रस्तुत करता है।
© examsnet.com
Question : 96 of 100
Marks:
+1,
-0
Go to Question: