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CTET Paper II (Social Science) July 2013 Solved Paper
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Question Numbers: 129-135निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर संबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए :यदि हम सुनने के साथ-साथ सुनाते भी हैं, अर्थात वार्तालाप भी करते हैं तो बातें याद रहने की संभावना काफ़ी अधिक रहती है । इसलिए भाषण तो हमें याद नहीं रहते, परंतु वार्तालाप हम भूलते नहीं हैं । सुनने के लिए पुराना भूलना भी ज़रूरी है । बुद्धि के पास वह शक्ति है जिससे वह सुनी हुई बातों का सार निकालकर बाकी विस्तार को भुला देती है, तभी हम नई बातें सुन सकते हैं । दो कान इसलिए हैं कि सुनने को इतना कुछ है कि एक कम पड़ता है । प्रकृति ने हमें मुख एक ही दिया है इसलिए कि सुनो ज़्यादा, बोलो कम । सामने वाले की बात ध्यान से सुनना एक प्रकार की गतिविधि है ।सुनने की कला आज दुर्लभ होती जा रही है । शोध बताते हैं कि हम जितना सुनते हैं, उसका मात्र बीस प्रतिशत ही हमें याद रहता है । सुनी बातों में से तीन दिन बाद केवल दस प्रतिशत ही याद रहता है । इसके अलावा सुनने और समझने के बीच हमारा पूर्वाग्रह, पूर्व जानकारी, पूर्व अर्जित - ज्ञान भी प्रभाव डालता है ।
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