Concept:रचनात्मक आकलन एक सतत प्रक्रिया है जो सीखने के दौरान ही छात्र की प्रगति और समझ को जाँचती है। इसका उद्देश्य केवल याद करना नहीं, बल्कि व्याकरणिक नियमों को लागू करने की क्षमता का मूल्यांकन करना है।
Explanation:दिए गए विकल्पों में से रचनात्मक आकलन का सबसे उपयुक्त तरीका वह है जो छात्र को सीखी गई अवधारणा को नए संदर्भ में प्रयोग करने के लिए प्रेरित करे।
विकल्प A: कहानी पढ़कर तीन मिश्रित वाक्य छाँटना – यह व्याकरण के ज्ञान का प्रयोगात्मक परीक्षण है, क्योंकि छात्र को वाक्य के प्रकार पहचानने और उन्हें अलग करने की आवश्यकता होती है। यह स्मृति नहीं, बल्कि विश्लेषणात्मक कौशल की माँग करता है, जो रचनात्मक आकलन के लिए आदर्श है।
विकल्प B: मुहावरे छाँटना – यह केवल पहचान तक सीमित है, जबकि रचनात्मक आकलन में मुहावरों का वाक्य में प्रयोग अधिक महत्वपूर्ण होता।
विकल्प C: प्रश्नों के उत्तर देना – यह मुख्यतः स्मरण शक्ति पर आधारित है, जो रचनात्मक आकलन के उद्देश्य से मेल नहीं खाता।
विकल्प D: प्रश्न बनाना – यह अच्छा है, परंतु विशेषतः कहानी के अंत में स्वयं लिखने या घटना बदलने जैसी गतिविधियाँ अधिक रचनात्मक होतीं; अतः मिश्रित वाक्य छाँटना व्याकरणिक ज्ञान का तत्काल अनुप्रयोग कराता है।
इसलिए विकल्प A ही रचनात्मक आकलन के उद्देश्य को सर्वोत्तम रूप से पूरा करता है।
Answer:A. कहानी पढकर कोई तीन मिश्रित वाक्य छाँटो