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CTET Paper II (Social Science) Feb 2014 Solved Paper

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Question Numbers: 129-135
निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश पढकर सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए:
बाल-मस्तिष्क की प्रकृति की यह माँग होती है कि बच्चे का बौध्दिक विकास विचारों के स्रोत के पास हो | दूसरे शब्दों में, यह ठोस, वास्तविक बिंबो के बीच और सर्वप्रथम प्रकृति की गोद में हो, जहाँ बच्चा ठोस बिंब को देखे, सुने और फिर उसका विचार इस बिंब के बारे में प्राप्त सूचना के ‘संसाधन’ के काम में लगे | जब बच्चे को प्रकृति से दूर रखा जाता है, जब बच्चा पढाई के पहले दिन से ही केवल शब्दों के रूप में सारा ज्ञान और बोध पाता है, तो उसके मस्तिष्क की कोशिकाएँ जल्दी ही थक जाती हैं और अध्यापक द्वारा प्रस्तुत काम को निभा नहीं पाती | और इन कोशिकाओं को तो अभी ‍विकसित, सशक्त, सुदृढ होना है | यहीं पर उस बात का कारण छिपा है, जो प्राथमिक कक्षाओं मे अक्सर देखने में आती है – बच्चा चुपचाप बैठा अध्यापक की आँखों में आँखे डाले देखता है, मानो बडे ध्यान से सुन रहा हो, लेकिन वास्तव में वह एक शब्द भी नहीं समझ पाता, क्योंकि बच्चे को नियमों पर सोच-विचार करना पडता है, और ये सब अमूर्त सामान्यीकृत बातें होती हैं |
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Question : 129 of 150
Marks: +1, -0
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