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CTET Paper II (Social Science) Dec 2018 Solved Paper

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Question Numbers: 121-128
निर्देश: नीचे दिए गए अनुच्छेद को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प को चुनिए।
मेरा थोड़ा बहुत संबंध साहित्य की दुनिया से भी है। यही हालात मैं यहाँ भी देखता हूँ। यूरोपीय साहित्य का फैशन हमारे उपन्यासकारों, कहानी-लेखकों और कवियों पर झट हावी हो जाता है। मैं अपने प्रांत पंजाब की बात करता हूँ। मेरे पंजाब में युवा कवियों की नयी पौध सामजिक व्यवस्था के खिलाफ इंकलाबी जज्बे से ओत-प्रोत है। इसमें भ्रष्टाचार, अन्याय, शोषण को हटाने और एक नयी व्यवस्था बनाने की बात की गई है। हाँ,‍ हमें सामाजिक बदलाव की जरूरत है ओर इन कविताओं में बातें तो बहुत अच्छे ढंग से कही गयी हैं पर इनका स्वरूप देसी नहीं है। इस पर पश्चिम का प्रभाव है। परिणाम यह है कि यह सारा इंकलाब एक छोटे-से कागज़ पर सीमित रह जाता है। बस, साहित्यिक समझ रखने वाले एक छोटे-से समूह में इनकी बात होती है। किसान, मजदूर जो शोषण को झेल रहे हैं, जिन्हें वे इंकलाब की प्रेरणा देना चाहते हैं, वे इसे समझ नहीं पाते हैं। इस साल मेरी मातृभूमि पंजाब में मुझे गुरुनानक विश्वविद्यालय के सीनेट का सदस्य बनाने के लिए नामित किया गया । जब मुझे उसकी पहली मीटिंग में शामिल होने के लिए बुलाया गया, तो मैं पंजाब में ही प्रीत नगर के पास था। एक दिन शाम को अपने ग्रामीण दोस्तों से गपशप करते हुए मैंने अमृतसर में होने वाली सीनेट की मीटिंग में जाने का जिक्र किया तो किसी ने कहा, “हमारे साथ तो आप तहमद (लुंगी) और कुर्ते में हमारे जैसे ही बने फिरते हो, वहाँ सूट-बूट पहन कर साहब बहादूर बन जाओगे!” मैंने हँसते हुए कहा – “क्यों, आप अगर चाहते हैं तो मैं ऐसे ही चला जाऊँगा।“ तभी कोई दूसरा बोला, “आप ऐसा कर ही नहीं सकते।”
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Question : 123 of 150
Marks: +1, -0
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