Concept:रचनावाद के अनुसार ज्ञान शिक्षार्थी द्वारा सक्रिय रूप से अपने अनुभवों के आधार पर स्वयं निर्मित किया जाता है।
Explanation:रचनावाद शिक्षार्थी को केन्द्र में रखता है।
यह मानता है कि बच्चे नई जानकारी को अपने पूर्व ज्ञान से जोड़कर खुद समझ बनाते हैं।
इस दृष्टिकोण में शिक्षक सिर्फ सुविधाप्रदाता होता है।
शिक्षार्थियों को नवीन ज्ञान खोजने, प्रयोग करने और सहयोग से सीखने के अवसर दिए जाते हैं।
उदाहरण के लिए, क्षेत्र भ्रमण, शोध परियोजनाएँ और प्रयोग रचनावादी गतिविधियाँ हैं।
दूसरे विकल्प अनुकरण, व्याकरण रटना या शिक्षक की प्रभुता पर जोर देते हैं, जो रचनावाद के अनुकूल नहीं हैं।
Answer:A. शिक्षार्थियों को नवीन ज्ञान खोजने में व्यस्त रखने पर।