Concept:हिंदी भाषा की पाठ्य-पुस्तक केवल भाषा सीखने का साधन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक विमर्श को भी बढ़ावा देती है।
Explanation:पाठ्य-पुस्तक शिक्षण प्रक्रिया का एक आवश्यक उपकरण है।
इसके माध्यम से बच्चों का भाषा विकास होता है और साथ ही वे सामाजिक तथ्यों से परिचित होते हैं।
यह बच्चों को समाज, संस्कृति और आसपास के लोगों से जोड़ती है।
पाठ्य-पुस्तक सामाजिक चिंतन, व्यवहार और बातचीत के तरीके सिखाती है।
साथ ही, यह समाज के नियमों, रीति-रिवाजों और धारणाओं से अवगत कराती है।
इसलिए, हिंदी भाषा की पाठ्य-पुस्तक से भाषा एवं सामाजिक विमर्श दोनों को बढ़ावा मिलता है।
Answer:सही विकल्प B है: भाषा एवं सामाजिक विमर्श को भी बढ़ावा मिलता है।