Concept:पठन-प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य लिखित सामग्री के भाव और विचारों को समझना (अर्थग्रहण) होता है।
Explanation:पठन भाषा के चार कौशलों में से एक है।
यह एक सार्थक, उद्देश्यपूर्ण और चिंतन-प्रधान प्रक्रिया है।
इसमें बालक लिखित या मुद्रित शब्दों को पढ़ता है और उनका भाव ग्रहण करता है।
डिकोडिंग और अक्षर-ज्ञान केवल पहचान या उच्चारण तक सीमित हैं।
प्रवाहशीलता पढ़ने की गति या सहजता को दर्शाती है, लेकिन मुख्य ध्यान अर्थबोध पर है।
बिना अर्थ समझे पढ़ना केवल यांत्रिक क्रिया रह जाती है।
अतः पठन-प्रक्रिया में सबसे अधिक महत्वपूर्ण अर्थग्रहण है।
Answer:C. अर्थग्रहण