Concept:घोषणात्मक ज्ञान व्याकरण के नियमों और प्रकारों के बारे में तथ्यात्मक जानकारी है।
इसमें विषय का वर्णन करना और बाद में औपचारिक स्थितियों में उसका प्रयोग शामिल है।
Explanation:घोषणात्मक ज्ञान 'क्या है' पर आधारित होता है।
व्याकरण सीखने में यह ज्ञान नियमों, प्रकारों और संरचनाओं को समझाने और वर्णित करने का काम करता है।
इसका उद्देश्य शिक्षार्थी के मस्तिष्क में व्याकरणिक जानकारी को स्थापित करना है।
छात्र पहले नियम को जानता है, फिर उसका वर्णन करता है और अंत में उसे औपचारिक परिस्थितियों में प्रयोग करता है।
यह केवल प्रयोग या रचनात्मक लेखन तक सीमित नहीं है।
अतः सही विकल्प वह है जो प्रकारों के ज्ञान, वर्णन और औपचारिक प्रयोग को दर्शाता है।
Answer:A. प्रकारों के बारे में ज्ञान, वर्णन करना और बाद में उसे औपचारिक परिस्थितियों में प्रयोग करना।