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CTET Paper II (Mathematics and Science) 15 Dec 2024 Shift 1 Solved Paper

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Question Numbers: 144-150
निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
व्यंग्य निरंतरता की माँग करता है और निरंतरता में नवीन की उपस्थिति का आग्रह स्वयं मौजूद हो जाता है। लेकिन निरंतरता का एक खतरा यह है कि व्यंग्यकार खुद को दोहराने लगते हैं। जो भाषा उनकी पृथक् पहचान और चमक बना रही होती थी वह कमजोरी हो जाती है। ज्यादा लेखन का बोझ विशेषकर व्यंग्य में दोहराव की दरिद्रता लाता है। प्रायः व्यंग्यकार भाषा के खेल में उलझ जाते हैं पर सशक्त व्यंग्य के लिए उन्हें भाषा को शक्ति बनाना होगा। समर्थ और समृद्ध भाषा के साथ-साथ व्यंग्य की गरिमा की रक्षा भी करना एक बड़ी बात है, वरना प्रायः व्यंग्यकार भाषा को रचना-दक्षता मानकर, कारक परिस्थितियों को छोड़कर सामान्य चीजों और स्थितियों की खिल्ली उड़ाना शुरू कर देते हैं।
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Question : 146 of 150
Marks: +1, -0
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