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CTET Paper I (Classes I to V) May 2016 Solved Paper

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Question Numbers: 121-128
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उचित उत्तर बाले विकल्प चुनिए ।
उन दिनों, जब पंजाब का विभाजन घोषित हो चुका था - पंजाब को पाँचों नदियों का जल उन्माद की तीखी शराब बन चुका था, माँ ने फिर पंजाब जाने का फैसला किया था । सभी ने ऐसे विरोध किया जैसे वे जलती आग में कूदने जा रही हों । और, बह सचमुच आग में कूदने जैसा ही तो था ! परंतु पिताजी सहित हम सब जानते थे कि माँ को अपने निश्चय से डिगाना कोई आसान नहीं । उन्होंने सबको बातों को हँसकर टाल दिया । बीस-बाईस दिनों में वे वापस आ गईं । गाँव के घर का बहुत-सा सामान वे बुक करा आई थीं । साथ में बे अपना पुराना चरखा और दही मधने की बड़ी मथानी ले आई थीं ।
फिर सारे पंजाब में आग लग गई । घर-के-घर, गाँव-के-गॉंव और शहर-के-शहर उस आग में जलने लगे । आग रुको तो लगा, पेशावर तक सपाट फैली हुईं जमीन अमृतसर और लाहौर के बोच से फट गई है, और उस पार का फटा हुआ हिस्सा बीच में गहरी खाई छोड़कर न जाने कितना उधर खिसक गया है । हम सब भूल-से गए कि उस गहरी खाई के उस पार हमारा अपना गौंव था, पक्की सड़क के किनारे पीछे कौ ओर एक नहर थी और पास ही झेलम नदी-अल्हड़ लड़की की तरह उछलती-कूदती बहती थी !
आज में माँ के साथ उस खाई पर से गुजरकर उस प्रदेश को ओर जा रहा था जो कल तक मेरा था । कितना अपना था और आज कितना पराया है ।
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Question : 124 of 150
Marks: +1, -0
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