Concept:ध्वन्यात्मक जागरूकता बोली जाने वाली भाषा की ध्वनियों को पहचानने और उनमें हेरफेर करने की क्षमता है। इसके तीन मुख्य चरण होते हैं: अक्षर (सिलेबल), तुकबंदी और स्वनिम (फोनीम)।
Explanation:पहले चरण में बच्चे शब्दों को अक्षरों (syllables) में बाँटना सीखते हैं, जैसे ‘हाथी’ में तीन अक्षर।
दूसरे चरण में वे तुकबंदी (rhyming) पहचानते हैं, जैसे ‘बिल्ली’, ‘बल्ला’ जैसे समान अंत वाले शब्द।
तीसरे चरण में वे स्वनिम (phonemes) यानी भाषा की सबसे छोटी ध्वनि इकाइयों को पहचानते हैं, जैसे ‘बिल्ली’ में तीन स्वनिम /k/, /æ/, /t/।
ये तीनों चरण क्रमशः बच्चों की ध्वनि पहचान क्षमता को विकसित करते हैं।
Answer:सही विकल्प C है: अक्षर, तुकबंदी, स्वनिम।