Concept:नॉम चॉमस्की का 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) सिद्धांत कहता है कि भाषा सीखने की क्षमता जन्मजात होती है, इसलिए इसका पैटर्न दुनिया भर में समान होता है।
Explanation:चॉमस्की के अनुसार, सभी बच्चों के मस्तिष्क में भाषा अर्जन युक्ति (Language Acquisition Device) होती है।
यही कारण है कि विभिन्न संस्कृतियों में पले-बढ़े बच्चे समान अवस्थाओं (Stages) से गुजरते हुए भाषा सीखते हैं।
उदाहरण के लिए, प्रारंभिक अवस्था में सभी बच्चे एक जैसी आवाजें (बड़बड़ाहट) निकालते हैं, फिर एक-शब्द वाले वाक्य, दो-शब्द वाले वाक्य और अंत में जटिल वाक्य बनाना सीख जाते हैं।
यह क्रम लगभग सार्वभौमिक है और यह चॉमस्की के कथन "सभी संस्कृतियों में भाषा अधिगम का प्रतिरूप अधिकांशत: एक जैसा है" को सिद्ध करता है।
विकल्प A, C भी चॉमस्की के विचारों से जुड़े हैं, किन्तु विकल्प B उनके मुख्य सिद्धांत का सबसे सटीक प्रतिनिधित्व करता है।
विकल्प D चॉमस्की के विचारों के विपरीत है, क्योंकि वे भाषा को अर्जित (Acquired) मानते हैं, न कि केवल सीखा (Learned) हुआ व्यवहार।
Answer:सही विकल्प "B. सभी संस्कृतियों में भाषा अधिगम का प्रतिरूप अधिकांशत: एक जैसा है।" है।