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CTET Paper I (Classes I to V) 28 Jan 2023 Solved Paper
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Question Numbers: 129-135निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।मैं मेहनतकश मज़दूर हूँ। आदिम युग से आज की सभ्यता तक की सदियों पर मेरे हथौड़े की चोट है। ज़माने ने करवट ली है। काल के प्रवाह में ज्वार-भाटे आते-जाते रहे हैं, पर मैंने कभी ज़मीन से पीठ नहीं लगाई। सुस्ताने के लिए कभी फावड़े नहीं टिकाए। मेरे बाजू पर ज़माना टिका है, घुटनों पर आलस्य दम तोड़ता है। मेरे कंधों पर भूमंडल का भार है, उसे उठाने वाले एटलस के साथ । पर मैं हूँ कि कभी गरदन नहीं मोड़ता, कंधे नहीं डालता । कंधे डाल दूँ तो गज़ब हो जाए । दुनिया लड़खड़ाकर गिर पड़े। मैंने निरंतर निर्माण किया है, विध्वंस न करूँगा । यदि करना हुआ तो पुनर्निर्माण के लिए। ऐसा करते हुए मुझे कभी थकान महसूस नहीं होती। मेरा रोआँ-रोआँ फड़कता रहता है।
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Question : 131 of 150
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