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CTET Paper I (Classes I to V) 21 Dec 2021 Solved Paper
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Question Numbers: 121-128नीचे दिए गए अनुच्छेद को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिएIचिनार में पर्यावरण के साथ अनुकूलन करने की विशिष्ट क्षमता होती है I यह पर्यावरण प्रदूषण को भी सरलता से सहन कर लेता है I यही कारण है कि एक विस्तृत क्षेत्र में फैलने वाला वृक्ष बन गया है I वर्तमान समय में इसे एशिया के अधिकांश देशों के साथ ही यूरोप और अमेरिका के बहुत से भागों में भी देखा जा सकता है I इंग्लैंड में, विशेष रूप से लंदन में एक बहुत बड़े क्षेत्र में चिनार से मिलते-जुलते वृक्ष पाए जाते हैं I इन वृक्षों में चिनार के सभी गुण देखने को मिलते हैं, किंतु कुछ भिन्नताएँ भी हैं I इनके संबंध में यह कहा जा सकता है कि इन्हें अंग्रेज़ी शासन काल में अंग्रेजों द्वारा भारत से ले जाया गया है अथवा यह भी हो सकता है कि ये चिनार की संकर प्रजातियाँ हों I30-40 मीटर ऊँचा और लगभग 1.2 मीटर घेरे वाला यह भव्य एवं शानदार वृक्ष कश्मीर की शोभा है I चिनार की गणना विश्व की सर्वाधिक तेजी से बढ़ने वाले वृक्षों में की जाती है I इसकी आयु भी बहुत लंबी होती है I यह वृक्ष 100 वर्षों में लगभग 30 मीटर की ऊँचाई प्राप्त कर लेता है एवं इसका तना 1 मीटर घेरे वाला हो जाता है I चिनार के वृक्षों को प्राकृतिक क्षति भी बहुत कम होती है I इसमें विभिन्न प्रकार की मिट्टी में अपना अस्तित्व बनाए रखने की क्षमता होती है तथा यह तेज हवाएँ भी सहन कर लेता है I इसकी जड़ों से यदि कोई छेड़छाड़ की जाए तो भी यह नष्ट नहीं होता I चिनार की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसके पाँच मीटर ऊँचे वृक्ष को भी एक स्थान से उखाड़ कर दूसरे स्थान पर लगा सकते हैं Iउत्तर भारत का यह शानदार विशाल वृक्ष पूरे वर्ष भर बहुत सुंदर दिखता है, किंतु सर्दियों के मौसम में अपने तने और फूलों के कारण यह सर्वाधिक सुंदर दिखाई देता हैIआजकल चिनार को उत्तर भारत के कुछ अन्य स्थानों पर लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं I इस कार्य में कुछ सफलता भी प्राप्त हुई है I अब हमें कश्मीर के साथ ही नई दिल्ली, मेरठ, देहरादून, चंडीगढ़ आदि स्थानों पर चिनार वृक्ष देखने को मिल जाएँगे, किंतु इन वृक्षों में कश्मीर के चिनार वृक्षों जैसी ऊँचाई और फैलाव नहीं हैI
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