Concept:गद्यांश में लेखक की मनोदशा और उसकी आंतरिक प्रबल भावना को पहचानना है। यहाँ लेखक बाधाओं के बावजूद स्वदेश लौटकर कार्य करने की दृढ़ इच्छा व्यक्त करता है।Explanation:लेखक कहता है कि उसके हृदय की मूल अंतरवेदना भारतवर्ष है। वह जानता है कि स्वदेश लौटने पर अनेक विघ्न-बाधाएँ होंगी, फिर भी वह उन्हें सहन करने को तैयार है।वह कहता है कि उसके कई काम अधूरे हैं और अब तक कुछ नहीं कर पाया। यंत्र तैयार करने में समय लग रहा है, पर यदि वह दो बरस और रह गया तो बहुत काम पूरे कर लेगा।ये पंक्तियाँ लेखक की प्रबल इच्छाशक्ति को दर्शाती हैं – वह हर बाधा के बावजूद अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहना चाहता है। उसकी कल्पना, विचार या क्रियान्वयन शैली नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छा ही प्रमुख है।Answer:सही उत्तर: A. इच्छा शक्ति