Concept:लेखन एक प्रक्रिया-आधारित गतिविधि है, उत्पाद-आधारित नहीं। इसमें कई चरण शामिल होते हैं जो क्रमिक और पुनरावर्ती होते हैं।
Explanation:लेखन में शारीरिक और मानसिक क्रियाओं का एक क्रम होता है।
इसे छोटे-छोटे चरणों जैसे पूर्वलेखन, प्रारूपण, संशोधन, संपादन और मूल्यांकन में बाँटा जाता है।
ये चरण एक रैखिक क्रम में नहीं, बल्कि पुनरावर्ती होते हैं।
विद्यार्थी किसी भी चरण पर वापस जा सकते हैं और सुधार कर सकते हैं।
इस प्रक्रिया में शिक्षक और साथियों का सहयोग भी मिलता है।
इसलिए लेखन के लिए निरंतर अभ्यास और पुनर्विचार आवश्यक है।
अन्य विकल्प गलत हैं: ‘अभ्यासः न अपेक्षते’ – अभ्यास जरूरी है।
‘उत्पादाधारित-गतिविधिः’ – यह उत्पाद नहीं, बल्कि प्रक्रिया है।
‘एकबार एव लेखनं कुर्युः’ – एक बार लिखना पर्याप्त नहीं।
Answer:C. प्रक्रिया - आधारित गतिविधिः अस्ति।