Concept:व्याकरण के अभ्यास संदर्भ और जीवन से जुड़े होने चाहिए, न कि केवल रूप या रटने पर केंद्रित।
Explanation:अभ्यास का उद्देश्य पाठ को समझना और अनुभव को गहरा करना होता है।
बच्चे पाठ्यपुस्तक के उद्देश्य को कितनी सीमा तक प्राप्त कर पाए, यह परखा जाता है।
अभ्यास व्यापक अनुभव स्तर में तल्लीन होने का अवसर देते हैं।
इसलिए व्याकरण के अभ्यास संदर्भ (प्रसंग) के अनुसार होने चाहिए, जिससे बच्चे स्वतंत्र रूप से सीख सकें और दक्षता प्राप्त कर सकें।
केवल रूप केंद्रित या रटने पर केंद्रित अभ्यास समझ को गहरा नहीं करते।
जीवन-उन्मुख अभ्यास भी सहायक होते हैं, लेकिन यहाँ सबसे उपयुक्त विकल्प संदर्भ के अनुसार है।
Answer:A. संदर्भ के अनुसार होने चाहिए I