Concept:योगात्मक आकलन का अर्थ है किसी निश्चित अवधि के अंत में छात्रों के सीखने के स्तर का मूल्यांकन करना और उसके आधार पर निर्णय लेना।
Explanation:योगात्मक आकलन मुख्यतः पाठ्यक्रम या सत्र के अंत में किया जाता है।
इसका उद्देश्य छात्रों को वर्गीकृत करना, प्रमाणित करना और अगली कक्षा में प्रोन्नत करना होता है।
यह शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के समग्र परिणामों को मापता है, न कि दैनिक प्रगति को।
उदाहरण के लिए, अंतिम परीक्षा, परियोजना या मानकीकृत टेस्ट इसी श्रेणी में आते हैं।
यह छात्रों को प्रतिपुष्टि देने के बजाय उनकी उपलब्धि पर अंतिम निर्णय देता है।
इसलिए, योगात्मक आकलन का तात्पर्य सत्र की अवधि विशेष में शिक्षार्थियों के कौशलों के बारे में निर्णय देना है।
Answer:A. सत्र की अवधि विशेष में शिक्षार्थियों के कौशलों के बारे में निर्णय देना।