Concept:प्रथम भाषा अर्जन के चरण एक निश्चित क्रम में विकसित होते हैं, जो ध्वनि उत्पादन से लेकर सरल वाक्यों तक जाता है।
Explanation:सबसे पहले शिशु 'कूकना' (cooing) करता है, जिसमें स्वर ध्वनियाँ होती हैं।
इसके बाद 'बबलाना' (babbling) आता है, जहाँ व्यंजन-स्वर संयोजन दोहराए जाते हैं।
फिर 'समग्रबोधि अवस्था' (holophrastic stage) आती है, जिसमें एक शब्द पूरे वाक्य का अर्थ देता है, जैसे 'पानी'।
उसके बाद 'दो शब्दीय अवस्था' (two-word stage) होती है, जहाँ दो शब्द जोड़े जाते हैं, जैसे 'मम्मी आओ'।
अंत में 'तारशैली वाक्' (telegraphic speech) आता है, जिसमें छोटे परंतु व्याकरणिक रूप से सही वाक्य बनते हैं, जैसे 'मैं खाना खाऊँ'।
Answer:D. कूकना - बबलाना - समग्रबोधि अवस्था - दो शब्दीय अवस्था - तारशैली वाक्