Concept:संकेत भाषा एक प्राकृतिक भाषा है जिसका अपना व्याकरण होता है और यह दृश्य-सांकेतिक माध्यम से संप्रेषित होती है।
Explanation:संकेत भाषा में अर्थ बताने के लिए ध्वनि के बजाय हाथों के आकार, गति, शरीर और चेहरे के हाव-भाव का उपयोग किया जाता है।
यह भाषा बधिर समुदाय में स्वाभाविक रूप से विकसित होती है और इसका अपना व्याकरण होता है, जो मौखिक भाषाओं से भिन्न हो सकता है।
बच्चे सबसे पहले इसी भाषा के माध्यम से अपनी बात समझाना सीखते हैं।
हस्तचालित वर्णमाला (अंगुली वर्तनी) का प्रयोग भी इसमें किया जाता है।
इसलिए संकेत भाषा व्याकरणयुक्त एक स्वाभाविक भाषा है, न कि केवल हाव-भावों का समूह।
Answer:A. व्याकरण के साथ एक स्वाभाविक भाषा है